Thursday, December 10, 2009

रिश्ते अनजाने से .............


जिंदगी के ऊँचे- नीचे टेढ़े- मढ़े रास्तों में न जाने कितने लोग मिलते हैं और बिछड़ जाते है पर उनलोगों में से कुछेक ऐसे होते हैं जो कभी भुलाये नहीं भूलतेI नानी माँ जन्म जन्मांतर की बातें किया करती थी और कहती थी की पिछले जनम का कोई रिश्ता होता है हमारा जो इस जन्म में अजनबी भी अपनों से ज्यादा अच्छे लगते हैI सबकी जिंदगी में ऐसे लोग आते है और फिजाओं को अपनी खुशबू दे के चले जाते है मेरी भी जिंदगी में ऐसा इंसान आया जिसने मेरे जीने का नजरिया ही बदल दियाI आज सुबह जब अख़बार के पन्ने पलट रही थी तो देखा की गंगा के purification को लेकर भारत के कुछेक राज्य जहाँ पे गंगा प्रबाहित होती है, के मुख्यमंत्रियों की बैठक नईदिल्ली में होने बाली हैI एलेन के साथ बीते पल आँखों के सामने घूमने लगेI उसका आना ऐसे वक़्त हुआ जब मेरा कोई एक भी दोस्त नहीं हुआ करता थाI मेरी दुनियाँ सिर्फ डांस, पढाई, अपनी familyऔर चाँद तक ही सीमित थीI कॉलेज में सब घमंडी गुस्सैल और खडुष ही समझा करते थेI कुछ मनचलों ने तो मेरा नाम झाँसी की रानी रख दिया था तो कुछ लोग हरी मिर्ची बोला करते थेI
एक दिन जब क्लास ख़त्म कर के घर जा रही थी की देखा कॉलेज के student activity center में काफी चहल - पहल हैI गेट के पास अतुल सर खड़े थेI चूँकि मैं NSS की मेम्बर भी रह चुकी थी कभी, तो सर मुझे पहचान गए और बुलायाI पता चला सात दिन बाद Alumini meet और ganga purification पे सेमिनार होने बाला हैI Foreign delegates भी सेमिनार में आ रहे है तो अच्छे से सारा कुछ Conduct करना अतुल सर के जिम्मे ही थाI अपनी टीम में उन्होंने मुझे भी शामिल कर लियाI उस दिन उन्होंने सारी प्लानिंग की कि कैसे सब arrange करना हैI शाम हो चुकी थी मैंने जाने के लिए अपनी साइकिल स्टैंड से निकालीI जैसे ही कॉलेज के मेन गेट के पास पहुंचती हूँ तभी देखा की दो Foreigner मेरी तरफ ही आ रहे हैंI उनमे से एक जिसकी नीली ऑंखें थी बाल थोड़े लम्बे थे, बिलकुल पागलों के से कपडे पहने थे उसने, मुझसे अतुल सर के बारे में पूछने लगाI मैं बता कर घर चली आईI दुसरे दिन से programms कि rehearsal के लिए सारे participents को students activity centre में बुलाया गया तो क्या देखती हूँ वही पागलों सी शकल बाला लड़का अतुल सर से कुछ बातें कर रहा थाI एक लड़की से पुछा तो पता चला सेमिनार में स्पीच देगा और Alumini Meet के प्रोग्राम में पियानो बजाएगाI मुझे यकिन नहीं आ रहा था कि हमारी ही उम्र का दिखने बाला ये बन्दा सेमिनार में स्पीच देने के लिए आया हैI

अगले दिन जब practice के लिए गयी तो अंदर से पियानो कि बड़ी अच्छी धुन सुनाई दे रही थी , उसने उस वक़्त तक सबसे दोस्ती भी कर ली थीI मेरी तरफ हाथ बढ़ा के कहता है "FRIENDS " मैंने कहा i don't , गाने कि practice ख़त्म होते ही मैं घर चली गयीI अगले दिन जब practice के लिए गयी तो देखती हूँ सबमे ऐसे घुल मिल गया है कि पता नहीं कब का मीत है उन सबकाI सबको वो डांस करके दिखा रहा था कि उसे जैसे ही मैं दिखी, मेरी तरफ डांसिंग मोड़ में ही आ के फिर से हाथ बढाता है "FRIENDS " मैंने कहा " i don't" I सारे दिन practice में वो हमारे साथ ही रहता थाI कभी कभी suggestion भी दिया करता था, वो भी अपनी टूटी फूटी हिंदी में तो मुझे हँसी आ जाती थीI अतुल सर ने आ के मुझे एक स्पीच लिस्ट बनाने को कहा और कहा कि Geology Auditorium में सारे Foreign delegates बैठे हुए है, सबसे speech length के साथ- साथ उनके नाम कि लिस्ट बना के लाने को बोला गयाI सबसे लास्ट में उसकी बारी आई मैंने उससे उसका नाम पुछा "may i have your name please & give me some details about your speech?" उसने इतना बड़ा नाम बताया कि मैं लिख नहीं पायी तो उसे ही कॉपी पेन थमा दिया I जब उसने कॉपी बापस कि तो उसमे स्पीच डिटेल के अलाबा एक smiley थी और लिखा था " hey jhanshi would u like to friendship with me?" इससे पहले कि मैं कुछ बोल पाती वो मेरी नक़ल करते हुए कहता है "i don't I

मैंने उसकी दोस्ती एक्सेप्ट कर ली और बाय बोल के चली आईI उसे शायद दो दिन से ये खल रहा था कि सब मेरे दोस्त हैं तो मैं क्यूँ नहीं I हमें जो पानी पीलाने आया करतीं थी वो भी उसकी दोस्त थींI पता नहीं उस इंसान में क्या था कोई उससे बिना बोले रह ही नहीं सकता थाI बहुत- बहुत ही बातें करता था, ढेर सारी बातें करता थाI शाम को जब बापस लौट रही थी कि साइकिल पंचर मिली, देखा वो भी जा रहा हैI वो मेरी ओर ही आ गया और मेरे साथ ही चलने लगा I रास्ते में गोलगप्पे का ठेला दिखा तो मैं खाने के लिए रुक गयी कि उसने भी गोलगप्पे खाने कि इच्छा जाहिर की I मैंने उसे मना किया था कि बहुत तीखी होती है पर माने तब नI अभी उसने दो गोलगप्पे ही खाए थे कि उसका गोरा चेहरा बिलकुल लाल बाले बन्दर कि तरह लाल हो गया थाI ऑंखें डबडबा गयी थी उसकी मुझे बहुत हँसी आईI मैंने गोलगप्पे बाले को उसे देने को मना किया और उसे बैग से पानी का बोतल निकाल के दियाI पानी पी के वो दुबारा से गोलगप्पे खाने लगा तो मैंने उसके हाथ से प्लेट छीन लिया और पुछा-" why u do so? n He said- Your smile is very cute" I दूसरी सुबह जब कंघी कर रही थी तो मुस्कुराते हुए अपने आप को आइने में निहारा सचमुच अच्छी लग रही थी मैंI सेमिनार की practice जोरों पर थीI अगले दिन जब कॉलेज गयी तो as usual एलेन पियानो बजाता मिल गया, उस दिन सारे लोगो का लंच उसने मंगबाया थाI लंच टाइम में उसने सारे लोगो को बुलबाया, वो सबके नाम जानता थाI इतना तो मैं उस कॉलेज कि होके भी नहीं जान पाई थी अभी तकI अचानक मुझे याद आया कि मुझे तो आज कालिदास रंगालय भी जाना हैI मेरे डांस पार्टनर अभिनव ने कुछ काम से बुलाया थाI हमलोग खाना खाने ही बाले थे कि अचानक से उसकी जापानी दोस्त kasuya कि तबियत ख़राब हो गयीI वो और अतुल सर उसे डॉक्टर के यहाँ ले जाने लगे कि तभी kasuya ने मना कर दियाI उसने हमें होटल पहुँचाने के लिए कहा, क्यूँ कि उसकी medicine वहीं रखी थीI वो यहाँ के डॉक्टर से इलाज नहीं कराना चाहती थीI अतुल सर ने ड्राईवर को मुझे भी साथ ले जाने को कहा क्यूंकि कालिदास रंगालय भी उसके होटल के ही रास्ते में पड़ता थाI उसकी तबियत ज्यादा ख़राब हो रही थी तो मैंने और एलेन ने उसे डॉक्टर से दिखाने के लिए मना लियाI हमदोनो उसे डॉक्टर के यहाँ लेके गए और फिर उसे मौर्या होटल में छोड़ाI वो सब कि केयर करता था, कोई उसके लिए पराया नहीं थाI फिर मैं कालिदास रंगालय जाने को हुई तो वो भी मेरे साथ में मुझे छोड़ने आयाI अभिनव, अयान, रेबती, सुधा, डिम्पी, सिखा सब के सब थेI मुझे लगा कोई प्ले के लिए बुलाया होगा पर पता चला अभिनव का जन्मदिन था उस दिन इसलिए सबको बुलाया गया थाI सिर्फ आधे घंटे कि पहचान में सब के सब एलेन के फैन बन चुके थेI भाषा अलग देश अलग मजहब अलग पर पता नहीं कैसे वो क्षण भर में ही सबको अपना बना लेता थाI मैं तो दंग रह गयी जब अभिनव ने शिखा को उस दिन propose कियाI मुझे तो यकिन नहीं आया क्योंकि वो बहुत ही डरपोक किस्म का इंसान था, पर उसे हिम्मत देने बाला और कोई नहीं एलेन ही थाI ये उसकी onspot कारीगरी थी, एलेन तबला बजाना नहीं जनता पर संतोष से जबरदस्ती मांग के बजाताI पेंटिंग नहीं आती थी उसे पर उसके बैग में caryon के रंग हमेशा रहते थेI

एक दिन मैंने पुछा तो बस उसने हाथों में caryon लगा लिया और मुझे एक पेपर दे के कुछ भी बनाने के लिए बोलाI मैंने बोला उसे "I don't know painting allen but he said , u know dear believe me, you make whatever u like just anything", मैं उसके रंग में रंगती जा रही थीI मैंने एक चिड़िया बनायीं तो उसने उसपे कलर भी किया फिर सबको बुलायाI उसपे सबको कुछ - कुछ रंगने को कहा, उसे कोई मना नहीं करता थाI infact मना कर ही नहीं सकता था कोई उसे I कुछ सालों बाद जब आर्ट कॉलेज बालों ने हमारे कॉलेज में इसी तरह कि पेंटिंग बनायीं तो मुझे रोना आ गयाI दिन कैसे गुजर जाता था पता ही नहीं चलता थाI उसे कोई डर नहीं था कि वो जो कर रहा है उसपे लोग हँसी उड़ायेंगे वो तो बस अपनी ही धुन का थाI सुबह का इतनी बेसब्री से कभी इंतज़ार नहीं किया करती थीI अगली सुबह कुछ जल्दी ही चली गयी तो देखा कि K.P. सर और कुछ और लोग एलेन के साथ कही जा रहे थे जब मैं दिखी उसे तो उसने मुझे भी साथ ले लियाI वो लोग कॉलेज से सटे गंगा घाट पे जा रहे थे , घाट पे एक डोलफिन घायल पड़ी थीI हमारे साथ में एक आदमी जो गया था उसने अपने बैग से कुछ दवाइयां निकाली और डोलफिन को लगाये फिर कुछ देर बाद उसे नाव से गंगा के बीच में वो लोग छोड़ के आयेI ये initiative भी एलेन का ही थाI उस सुबह वो सबसे पहले आ गया था कोई उसे दिखा नहीं तो वो गंगा घाट कि तरफ घूमने निकल आया था, तभी उसे वो घायल डोलफिन पड़ी मिलीI इंसान तो इंसान जानवरों के लिए भी इतना स्नेह, सारी फिजाये उसकी दोस्त थीं जैसेI गंगा किनारा उसे बहुत अच्छा लगता थाI जब से आया था वो शाम को उधर ही चला जाया करता थाI आज जब practice ख़त्म हुई तो मुझसे भी चलने कि जिद करने लगा, साथ में उसकी जापानी दोस्त Kazuko Kasuya भी थीI जाकर पता चला कोई नाव बाला उसका दोस्त है जो रोज़ इस पार आकर उसे मगही गाने सुनाया करता हैI उसे समझ नहीं आता फिर भी रोज़ वो सुना करता है और समझने कि कोशिश किया करता हैI आज इसलिए मुझे ले गया ताकि मैं उसे उस गाने का मतलब समझा सकूँ पर मुझे भी समझ आयेगी ये जरूरी तो नहींI मैंने उसे बताया पर फिर भी उसने चलने कि जिद कि तो मैं भी गंगा किनारे चली गयीI

जब नाव बाले ने गाना शुरु किया तो सच में उसका गाना बहुत ही अच्छा था, गाने कि लाइन थी "ओ हमरा कन्ता गईल विदेशवा हो कब अयिहे माहुत बंधू रे,सोना पाँखी हंसा मेरो जिया मोरा लई के गयो हो कब अयिहे माहुत बंधू रे"I मैंने उसे कुछ इस तरह समझाया "Hey wind brother tell me please when my dear comes to me,Hey wind brother that golden bird taken away my soul when he come arrive" इतना ही मैं समझा सकी और बोल के चुप हो गयीI Than he said - carry on jhansi its really very amazing, how can someone talk with wind? I said when anyone fall in love with someone, thats happen my dear. After that i said - i don't know more about it.Than he said- tell me something else dear your voice is really very lovely. तो मै बचपन बाली twinkle twinkle उसे सुनाने लगी जो उनलोगों को भी आता था फिर तो हम तीनो वहीं गंगा किनारे rhymes गा रहे थे और गा के खूब हँसते थे बिलकुल पागलों कि तरह, उसके साथ वक़्त का पता ही नहीं रहता थाI मैंने उनलोगों से उनकी family के बारे में पुछाI एलेन ऑस्ट्रेलिया का था और Kasuya जापान से आई थीI एलेन कि एक बहन थी और कसुया के दो भाई थेI फिर दोनों मेरे बारे में पूछने लगे मैंने भी बतायाI फिर kasuya ने पुछा Have u any boyfriend? I said i haven't any friend even. Than allen said to me: hey jhansi how can it possible dear, u can't alive without the person you talk about your silly things. Than he asked whom do you like most in this world? I answered i like CHAND. Again he asked who's that. I said Actually moon is my chand,usually i talk with him. He amazed & said you like so .I said ya dear i like most. फिर मैं भी उसे उसके बेस्ट फ्रेंड के बारे में पूछने लगी तो उसने मुझे कहा कि वो कल मिलबाएगाI

अगले दिन रविवार था सुबह से ही practice थी कि अचानक 11 बजे के करीब उसे याद आया कि उसने मुझे अपने बेस्ट फ्रेंड से मिलबाने को बोला थाI उसने मौर्या लोक से उजले जलबेरा के फूल ख़रीदे I वो मुझे एक पुराने चर्च जो मेरे घर के पास ही था वहाँ ले गयाI मैंने देखा काफी लोग चर्च से बाहर आ रहे थे तभी ये महाशय मुझे अन्दर ले के गए और यीशु कि बनी पेंटिंग कि ओर इशारा किया कि यही मेरा बेस्ट फ्रेंड है और जो फूल ख़रीदा था मुझे दे कर ईशु कि मेज पे रखने को कहाI उसने उनसे मेरी भी दोस्ती करायी जब बापस आ रहे थे तभी उसे दिखा कि मैंने माथे पे टीका लगा रखा हैI वो इसके बारे में पूछने लगा और कहा कि मुझे भी लगाना हैI मुझे तो माँ ने लगाया था सुबह, उसे घर कैसे ले जाती उल्लू बरमूडा में ही जो घूमता रहता थाI मैं उसे काली मंदिर ले गयीI वहाँ उससे मैंने प्रसाद चढ़वाया तो पंडित जे ने उसे टीका लगा दियाI उसने जब उड़हुल फूल कि माला देखी तो पूछने लगा कि इसका क्या करना हैI मैंने कहा पहन लो तो सचमुच में उसने पहन लिया और पुरे दिन वो माला पहने ही रहा उसे कोई फर्क नहीं पड़ता कि दुसरे क्या कहते हैI अगले दिन सेमिनार था और शुरुआत दीप प्रज्वलन और मेरे गुरु वंदना के classical dance से होनी थीI मैं शाम को ही पहुँची जब डांस के बाद स्टेज से उतरी तो उसने मेरे पैर ही पकड़ लिएI सारे लोग हमें ही देखने लगे, असल में उसने घूँघरू कभी देखे नहीं थे तो वो मुझसे घूँघरू देने कि जिद करने लगाI मैंने वहीं उसके बगल में बैठ के उसे घूँघरू उतार के देखने को दे दियाI वो मुझसे मेरे घूँघरू मांग रहा थाI जब मैंने नहीं दिया तो उसने एक पैर के ही घूँघरू मांगे तो मैंने उसे दोनों ही पैर के घूँघरू दे दिएI खुश हो गया, कि तभी उसका नाम स्पीच के लिए announce हुआI

गंगा से जो उसकी स्पीच शुरु हुई तो कबीर के दोहे, रहीम कि चौपाइया बाइबल और कुरान कि इबादतों से गुजरती उस कश्ती बाले से उस घायल डोलफिन तक को उसने समेटा और हमारी गंगा को स्वच्छ रखने का बचन भी लियाI सबसे आश्चर्य कि बात ये थी कि उसने अपनी स्पीच हिंदी में दी थीI उसने ये भी बताया कि उसकी स्पीच में उसने अपने होटल के मेनेजर से मदद ली हैI खुद हमारे प्रिसिपल सर स्टेज पे आ गए और उसे appreciate किया और ये दोहराया " रघुकुल रीत सदा चली आई प्राण जाये पर बचन न जाई "I उन्होंने ये भी announce किया कि Ganga Purification Project हमारे कॉलेज में इसी साल launch किया जायेगाI अगले दिन सब Foreign delegates जा रहे थे पर मैं उन्हें विदा करने नहीं गयीI मुझे बड़ा अजीब लग रहा था मन में आ रहा था कि उसे न जाने दू पर मैं नहीं कर सकती थीI क्लास में ही बैठी थी कि राजकुमार जी (हमारे डिपार्टमेंट के चपरासी हैं) आये और कहा बउया जी नीचे कोई खोजत हैI देखा तो एलेन हाथों में उजले जल्बेरा के फूल लिए और kasuya मुझे बाय बोलने आये थेI मैने पुछा When u come again, give me promise yaar you come so. He didn't give any promise to me & said " don't expect anything from anyone, you are enough to your world dear , if u leave 2 words Expectation & limitation from your life you will always get more n more. One thing keep in mind dear you are for the world not the world for you, so everything is inside you, nothing else outside ever " उसने तो मेरी दुनियां ही बदल दी थी सब मेरे भी दोस्त बनने लगे थेI सारी चीजे अब बहुत ही अच्छी लगती थीI जब गंगा प्रोजेक्ट शुरु हुआ तो फिर से कुछ जाने पहचाने चेहरे दिखे पर मेरी ऑंखें एलेन को ही ढूँढती रहीI मैं उसे याद करते हुए गंगा किनारे चली गयी तो देखा कि kasuya ढूँढती हुई आ रही हैI

हाथों में उजले जल्बेरा के फूल है उसने मुझे थमा दिया एक चिट भी थी जिसपे smiley बनी थी और लिखा था "Keep smiling always my Chand" उसने कहा एलेन ने तुम्हे देने को कहा थाI मैंने पुछा वो कहाँ है क्यूँ नहीं आया, तो उसने जो बताया लगा पैरों के नीचे जमीं नहीं है सर पे अम्बर कहीं गुम हो गयाI उसने बताया यहाँ से जाने के दो ही महीने बाद उसकी death हो गयीI He was suffering from cancer. मैं रो भी नहीं पाई, क्योंकि एलेन ने हमेशा खुश रहने को जो लिखा था Iकॉलेज anthem कि ये लाइन याद आ रही थी
"अंधियारे में मृत्युशिखर पर,
जागे जीवन- ज्योति तिमिरहर,
सत्य प्रकट हो बन शिव सुन्दर,
उसकी छाँह तले जगमग ज्योति जले "
अब मेरी जिंदगी में उसकी प्रकाशित कि हुई ज्योति मेरे अंधियारे पथ पे पथप्रदर्शक बन के मेरे साथ ही चलती हैI जा के भी कभी दूर जा ही नहीं सका वोI Below uploaded video is dedicated to my Friend Allen. बिलकुल ऐसा ही था वोI
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